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परिवार वाले अस्पताल प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर बिना पोस्टमार्टम के शव लाये घर, आनन फानन में दफनाने की तय्यारी

जयप्रकाश तिवारी पीएम न्यूज गोरखपुर

 

यहियागंज सरफ़राज़ बिल्डिंग नादान महल रोड कंघी वाली गली निवासी मोहम्मद शादिल आत्महत्या प्रकरण में घर वाले आनन फानन में शव दफनाने की तय्यारी में

सी,ओ, चौक, और इंस्पेक्टर चौक के सी यू जी, नम्बर नहीं लग रहे हैं

 

घटना प्रथ्मदृष्टियां संदिग्ध, शादिल का परिवार वालों से चल रहा था विवाद

परिवार वाले अस्पताल प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर बिना पोस्टमार्टम के शव लाये घर, आनन फानन में दफनाने की तय्यारी

चौक पूलिस एवं सी ओ चौक के नहीं लग रहे हैं सी,यू,जी,नम्बर

 

चार दिन पहले वजीरगंज थाना क्षेत्र में भी एक संदिग्ध आत्महत्या प्रकरण में कुछ-कुछ एसी ही असंवेदनशीलता दर्शाई थी वजीरगंज पुलिस ने

 

चार दिन पहले वजीरगंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला ताजीखाना मशकगंज निवासी राजीव वर्मा ने घर में पंखे से लटक कर दे दी थी अपनी जान घटना प्रथ्मदृष्टियां संदिग्ध प्रतीत हो रही थी, वजीरगंज पुलिस ने बरती थी घोर अनियमितता

 

पत्नी का कहना था कि रात को राजीव वर्मा ने पंखे से लटककर फांसी लगाली

घर वालों ने सुबह दरवाजा खोला तो लटका देखकर उतारा ।

 

लाश को लटका किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं देखा ।

बिना किसी कि मदद के पत्नी ने दो बच्चों की मदद से कैसे लाश उतार ली, पड़ोसियों को पहले क्यो नही बुलाया, उतारने के बाद ही पड़ोसियों को क्यो बुलाया ।

 

बाहरी लोगों एवं पुलिस कर्मियों ने मौके पर राजीव वर्मा को बेड पर मृत पड़ा पाया, पंखे के पर से एक लाल रंग का मफलर लटक रहा था ।

पर से कोई बच्चा भी लटके तो पंखे का पर मुड़ जाता । फिर पूरा व्यक्ती कैसे लटका रहा और पंखा एवं उसका पर यथावत सुरक्षित रहा ।

पुलिस करीब सुबहा साढ़े आठ बजे राजिव वर्मा को 108 एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले गयी जहां उसे मृत घोषित किया गया और तीन बजे तक राजीव का अंतिम संस्कार भी हो गया ।

जबकी एक दिन पहले पड़ोस के मुहल्ले के मूजीब ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी और उसका शव दूसरे दिन तीन बजे मिला ।

 

राजीव वर्मा का पत्नी एवं बच्चों से विवाद चलता रहता था, पत्नी ने कई रिपोर्टें राजिव के विरुद्ध लिखा रखी थी तथा राजिव के भाई भाभी एवं बहनों को घर से निकाल दिया था बहुत पहले ही ।

वजीरगंज पुलिस ने विवेचना में घोर अनियमितता बरती थी ।

एक बार फिर वैसा ही सबकुछ शादिल प्रकरण में दोहराने का हो रहा है लखनऊ द्वारा प्रयास

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