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मखौड़ा धाम में यज्ञ कराने से सारी मनोकामना पूरी होती महंत विंदुगद्याचार्य देवेंद्रप्रसादाचार्य

मखौड़ा धाम में यज्ञ कराने से सारी मनोकामना पूरी होती महंत विंदुगद्याचार्य देवेंद्रप्रसादाचार्य

police mukhbir संवाददाता विकास पाण्डेय की रिपोर्ट

बस्ती मखस्थानं महतपुण्यम यत्र पुण्या मनोरमा। मखौड़ा (मखधाम) और मनोरमा की महिमा शास्त्रों-वेद पुराणों ने गायी है। पुण्य सलिला मनोरमा जीवनदायिनी हैं। इनकी महिमा को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह वही स्थान है, जहां महाराज दशरथ ने पुत्रकामेष्टि यज्ञ किया था। आज भी यह स्थान त्रेतायुग की तरह उर्वरा है। यह बातें अयोध्या बड़ा स्थान के महंत विंदुगद्याचार्य देवेंद्रप्रसादाचार्य ने कहीं। वह मखक्षेत्र पौराणिक श्री राम जानकी मंदिर श्री राम महायज्ञ कथा मखौड़ा तट पर आयोजित महायज्ञ मैं श्रद्धालुओं को रसपान कराया।महंत विंदुगद्याचार्य ने कहा कि मनोरमा में स्नान करने से असीम पुण्य प्राप्त होता है। महंत कन्हैया दास ने कहा कि मखौड़ा श्री राम की प्रादुर्भाव स्थली है। इस स्थान पर यज्ञ, हवन, पूजन करने से तमाम सिद्धियों को अर्जित किया जा सकता है। इसी क्रम अयोध्या से पधारे महंत कन्हैया दास जी ने कहा कि यज्ञ करने से परमात्मा की प्राप्ति हो जाती है या वही भूमि है जब वशिष्ठ जी महाराज हवन कर रहे थे तब उन्होंने कहा भक्ति सहित श्री राम के रूप में अयोध्या जी में अवतरित हुए भगवान श्री राम ने यज्ञ की रक्षा किया यज्ञ के द्वारा भगवान श्री राम प्रगट हुए और यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान का जीवन संघर्ष करते रहे सिद्ध भूमि है यहाँ पर कोई आकर के मनोकामना करता है तो मनोरमा गंगा जी के कृपा से उसकी हर मनोकामना पूरी होती है कोई भी यहां से निराश नहीं जाता है लेकिन जो प्रेम से भगवान से प्रार्थना करता है भगवान प्रेम कि उसे जो प्रार्थना किया जाता है उसको स्वीकार करते हैं और उसकी कृपा उनके ऊपर हमेशा बनी रहती हैं तथा पूर्वजों को स्वर्ग में भेजने के अचूक बना देता है यज्ञ में दान का मतलब नहीं केवल धन का ही दान किया जाए किसी को अच्छी बात बता दिया जाए कोई गलत मार्ग जा रहा है उसको सही मार्ग पर लाया जाए चार प्रकार के हैं दिखावा के लिए दिया जाता है जिस दिन में अभिमान होता है अथवा धान में कौन सी होती है वह दान श्रेष्ठ नहीं माना गया है इसलिए भक्तों को चाहिए जहां भी जहां भी कथा कीर्तन हो जहां भी गरीबों की सेवा हो जहां भी कोई विद्यादान हो वहां पर अपना प्रदान करना चाहिए केशव दास जी ने भी लोगों को संबोधित किया गया है प्रवचन के द्वारा भक्तों को उपदेश दिय इस अवसर पर आयोजक सूर्यनारायण दास वैदिक सत्य प्रकाश पाठक संगम लाल यादव रक्षा राम महंत कन्हैया दास आज तमाम लोग मौजूद रहे।

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