महाराजगंज। घुघली बुजुर्ग में निजी भूमि में 30 डिस्मिल का पट्टा कराकर पांच एकड़ क्षेत्र से बालू निकलवाने के मामले को डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने संज्ञान लिया। अपराह्न करीब एक बजे मौके पर एसडीएम सदर, तहसीलदार, खनन इंस्पेक्टर के साथ घुघली थाने की पुलिस टीम को मौके पर भेजा। जांच में पता चला कि खनन माफिया छोटी गंडक नदी का बांध भी खोद कर उठा ले गए हैं। तय क्षेत्र से अधिक बालू निकाल खनन माफियाओं ने राजस्व के रूप में प्रदेश सरकार को करीब एक करोड़ का चूना लगाया है। ऐसे में खनन इंस्पेक्टर के साथ ही राजस्व विभाग के जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई हो सकती है। इसे लेकर पूरे दिन प्रशासनिक हलके में हलचल रही। मानकों को पूरा कर घुघली बुजुर्ग में 30 डिस्मिल के निजी प्लाट पर खनन की अनुमति मिली। लेकिन वहां देखते ही देखते खनन का क्षेत्रफल बढ़कर पांच एकड़ से अधिक फैल गया। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने की लेकिन जिम्मेदारों ने मामले को मैनेज कर दिया। अलबत्ता खनन इंस्पेक्टर भी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे खनन माफिया की मनमानी से कृषि योग्य जमीन बर्बाद हो गई। घुघली बुजुर्ग में प्रशासन ने बैजनाथ यादव के निजी 30 डिस्मिल के प्लाट से बालू खनन का पट्टा जारी किया है। लेकिन अभी वहां रामायण यादव, महेंद्र यादव, इंद्रजीत यादव, सुरेश यादव और चंदू यादव के खेत से बालू खनन किया जा रहा है। मामले को गंभीर मानते हुए घुघली थानाध्यक्ष राजप्रकाश सिंह ने अवैध खनन की जानकारी खनन विभाग के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों भी लिखित रूप में दी। उन्होंने अवैध खनन पर होने वाले ग्रामीणों की आपत्ति से भी जिम्मेदारों को वाकिफ कराया। लेकिन किसी ने उस पत्र का भी संज्ञान नहीं लिया। डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने कहा कि अवैध खनन जिले में नहीं चलने दिया जाएगा। घुघली बुजुर्ग मामले में जो भी शामिल होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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