Policemukhbir.Com
(पीएम) संवाददाता/महराजगंज।  संविधान निर्माता एवं गरीबों, दलितों व पिछड़ों के नायक डा. भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती धूमधाम से मनायी गयी। बाबा साहब के सिद्धान्तों, विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
नगर में निर्मेष मंगल के नेतृत्व में डा. अम्बेडकर जयन्ती के उपलक्ष्य में भव्य रैली निकाली गयी। रैली में बाबा साहब के अनुयायिइयों ने बढ़ चढक़र हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये निर्मेष मंगल ने कहा कि बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर का जन्म १४ अप्रैल को मध्य प्रदेश में हुआ था। इनका जन्म एक गरीब परिवार एवं अस्पृश्य परिवार में हुआ था। वे रामजी गालोजी सग्याल एवं भीमाबाई की संतान थे। डा. अम्बेडकर एक प्रसिद्ध भारतीय विधिवेत्ता थे। उन्होंने अपना सारा जीवन भारतीय समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था के विरूद्ध संघर्ष में बिता दिया। डा. अम्बेडकर ने भारत के संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें भारतीय संविधान का निर्माता भी कहा जाता है। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री बने। डा. अम्बेडकर को उनके कार्यो और उनके संघर्षो के कारण भारत रत्न से सम्मानित किया गया। २०वीं शताब्दी के श्रेष्ठ चिंतक, ओजस्वी लेखक, यशस्वी वक्ता, स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री तथा भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माणकर्ता के रूप में डा. अम्बेडकर का नाम सदैव याद किया जायेगा। अन्य वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब डा. अम्बेडकर दलितों के मसीहा तो थे ही मानव अधिकारों के लिये भी संघर्ष किया। वे राष्ट्र निर्माता थे। अन्तर्राष्ट्रीय स्वीकार्यता उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान तथा विश्व को बौद्ध दर्शन की ओर उन्मुख करने के कारण थी। उनका विशेष जोर भारतीय महिलाओं एवं पिछड़े वर्गो के अधिकारों पर था। वे कहते थे कि राजनीतिक प्रजातंत्र के साथ-साथ आर्थिक व सामाजिक प्रजातंत्र को भी मजबूत करना होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
नगर के नेहरू नगर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बाबा साहब डा. अम्बेडकर की जयन्ती मनायी गयी। नपा अध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि डा. अम्बेडकर को उनके कार्यो और उनके संघर्षो के कारण भारत रत्न से सम्मानित किया गया। २०वीं शताब्दी के श्रेष्ठ चिंतक, ओजस्वी लेखक, यशस्वी वक्ता, स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री तथा भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माणकर्ता के रूप में डा. अम्बेडकर का नाम सदैव याद किया जायेगा। शिक्षक हरेराम गौतम ने कहा कि बाबा साहब डा. अम्बेडकर दलितों के मसीहा तो थे ही मानव अधिकारों के लिये भी संघर्ष किया। वे राष्ट्र निर्माता थे। अन्तर्राष्ट्रीय स्वीकार्यता उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान तथा विश्व को बौद्ध दर्शन की ओर उन्मुख करने के कारण थी। उनका विशेष जोर भारतीय महिलाओं एवं पिछड़े वर्गो के अधिकारों पर था। वे कहते थे कि राजनीतिक प्रजातंत्र के साथ-साथ आर्थिक व सामाजिक प्रजातंत्र को भी मजबूत करना होगा। इस मौके पर तमाम लोग मौजूद रहे।
बाबा साहब की जयन्ती लगभग हर गांवों, कस्बों में भव्य समारोह पूर्वक मनायी गयी। मिठौरा ब्लाक के ग्राम सभा लेदवा, बौलिया राजा, पिपरा कल्याण सहित दर्जनों गांवों में अम्बेडकर जयन्ती मनायी गयी। बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.