Policemukhbir.Com(धनंजय पांडे)(पीएम) संवाददाता परतावल ।  श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के ग्रामसभा लखिमा में ईंट के भट्टे पर काम करने वाले मजदूर की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ग्राम लखिमा निवासी जय प्रकाश पुत्र जतन हरिजन जो कि  कौड़ीराम के राय साहब के ईंट के भट्ठे पर काम करता था।जिसकी मौत जहरीली शराब पीने से हो। 

आज सुबह 5 बजे मृतक के शव को उनके निवास स्थान लखिमा लाया गया।मृतक अपने परिवार का अकेला कमाने वाला ब्यक्ति था जिसकी मौत से परिवार का भरण पोषण कैसे होगा यह एक सवाल बन कर खड़ा हो गया है।पिता की मृत्यु पर बच्चो का रो-रो कर बुरा हाल है।जिसे देखकर पूरे गांव में शोक की लहर छाई हुई है।

थमता नजर नही आ रहा जहरीली शराब से होने वाली मौतों का सिलसिला

मुख्यमंत्री ने डीजीपी से भी कहा है कि वह जिम्मेदार अधिकारियों पर खुद कार्रवाई का निर्णय लें. लेकिन आबकारी विभाग अभी भी सो ही रहा. कार्रवाई के नाम पर कुछ छोटे कर्मचारियों पर गाज गिरी है. बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है. फिलहाल डीजीपी आईजी गोरखपुर और सहारनपुर से रिपोर्ट तलब की है.
बता दें कुशीनगर के तरयासुजान थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने वाले पांच और लोगों की गुरुवार को मौत हो गई. बुधवार को भी पांच लोगों की मौत हुई थी. प्रशासन ने इस मामले में थानेदार और आबकारी निरीक्षक समेत नौ लोगों को सस्पेंड कर दिया है. कच्ची शराब बेचने वालों पर मुकदमा दर्ज कर एक कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है.
उधर शुक्रवार को सहारनपुर के अलग-अलग गांवों में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई. मामले अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस अभी जांच की बात कर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दे रही है.
गौरतलब है कि जहरीली शराब की बिक्री को रोकने की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की होती है. लेकिन देखा गया है कि राज्य में अवैध शराब माफियाओं का हौसला हमेशा बुलंद ही रहता है. अखिलेश सरकार में उन्नाव और लखनऊ में जहरीली शराब पीने से 33 लोगों की मौत हो गई थी. उस वक्त भी कार्रवाई की बात कही गई थी.
अब भी यूपी में ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं. अवैध शराब का नेटवर्क पूर्वी यूपी से पश्चिमी यूपी तक फैला हुआ है. इससे साफ जाहिर होता है कि जहरीली शराब का यह पूरा नेटवर्क बिना प्रशासन की मिलीभगत के नहीं चल सकता है.
बीते साल के मई के महीने में उत्तर प्रदेश के कानपुर और कानपुर देहात में ज़हरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो हुई थी. इसी तरह साल 2018 के जनवरी में बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई थी. गाजियाबाद में भी जहरीली शराब से चार लोगों की मौत पिछले साल हुई

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