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(पीएम) संवाददाता/सिद्धार्थनगर। स्थानीय क्षेत्र के भतिजवापुर निवासिनी एक महिला को दहेज की मांग को लेकर पति द्वारा मारने-पीटने व घर से निकाल दिए जाने के मामले को लेकर न्यायालय में वाद दायर करने पर

न्यायालय द्वारा मुकामी थानाध्यक्ष की अध्यक्षता में समिति गठित कर समझा बुझाकर दोनो पक्षो को राजी करते हुए साथ-साथ रहने को सहमत कराने तथा सहमति न बन पाने की दशा में पति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना किए जाने का निर्देश के

मामले में गठित  समिति ने दोनों को सहमत करते हुए सोमवार को एक साथ रहने के लिए राजी करने में सफलता प्राप्त कर लिया तथा दोनो को राजी खुशी से एक साथ रहने के लिए परिजनों के साथ विदा कराया। बताते चलें कि थाना क्षेत्र के

भलुवाही निवासी खुनखुन की पुत्री रीमा उर्फ रिया की शादी लगभग आठ साल पहले मुकामी थाना क्षेत्र के ही भतिजवापुर निवासी सीताराम के साथ हुई थी। शादी के कुछ साल बाद पति और पत्नी के बीच दहेज की मांग को लेकर अनबन हो गई और पति ने पत्नी को घर से निकाल दिया।

जिस पर पत्नी ने पति सत्यराम के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्धार्थनगर के न्यायालय में 156(3)के तहत बाद दाखिल कर दिया। न्यायालय ने विचार करते समय उच्च न्यायालयों के कुछ मामलों में पारित आदेशों का हवाला देते हुए 23 नवम्बर 2018 को थानाध्यक्ष पथरा बाजार को एक कमेटी का गठन कर समझा- बुझाकर सुलह कराने का निर्देश दिया और कहा कि यदि मामले में

दोनों पक्षों में एकराय न कायम होने की स्थिति में पति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही करें। उक्त निर्देश के क्रम में थानाध्यक्ष विजय कुमार दूबे की अध्क्षता मे उपनिरीक्षक वकील यादव, मुख्य आरक्षी राजेन्द्र यादव, महिला आरक्षी साधना राव व समाजसेवी राष्ट्रीय सहारा समाचार पत्र के प्रतिनिधि उमेश चंद्र मिश्र को शामिल कर समिति का गठन किया।

समिति के सदस्यों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर दोनो पक्षों के परिजनों की मौजूदगी मे सोमवार को एक साथ खुशी रजामंदी से रहने के लिए सहमत कराते हुए पति पत्नी को विदा कराया।जिसकी क्षेत्र में जगह-जगह सराहना हो रही है।

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