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(पीएम) संवाददाता कुख्यात आतंकी संगठन आईएसआईएस से प्रेरित आतंकी माड्यूल से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए सभी 10 अभियुक्तों की कस्टडी रिमांड मिलने से जल्द ही कुछ और संदिग्धों की गिरफ्तारी हो सकती है।

इस बीच पता चला है कि मास्टर माइंड मुफ्ती मोहम्मद सुहैल चार महीने पहले लखनऊ आया था और उसने कुछ महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की थी। उधर, लखनऊ के वजीरगंज से हिरासत में लिए गए मां-बेटे को एनआईए ने फिलहाल छोड़ दिया है।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को सभी 10 अभियुक्तों की 12 दिनों की कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली। हालांकि एनआईए ने 15 दिनों की कस्टडी रिमांड देने का अनुरोध किया था। यूपी एटीएस के एसएसपी वीके सिंह अपनी टीम के साथ पहले से ही अमरोहा में डेरा डाले हुए हैं, क्योंकि चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी अमरोहा से ही हुई थी। एनआईए और यूपी एटीएस उन सभी 5 अभियुक्तों को अमरोहा व हापुड़ लाकर पूछताछ करने की तैयारी में है, जिनकी गिरफ्तारी इन्हीं जिलों से हुई थी।

एनआईए व यूपी एटीएस के संयुक्त आपरेशन में अमरोहा से गिरफ्तार मुफ्ती मोहम्मद सुहैल के अमरोहा, लखनऊ व हापुड़ समेत प्रदेश के अन्य जिलों के कनेक्शन की गहराई से जांच हो रही है। 

आतंकी गतिविधियों में सहयोग के लिए अपने जेवर बेच देने वाली लखनऊ की महिला और उसके बेटे से गुरुवार को भी कई चक्रों में पूछताछ की गई। उससे बुधवार को भी कई चक्रों में पूछताछ की गई थी।

एनआईए सूत्रों का कहना है कि लखनऊ के वजीरगंज इलाके में सिटी स्टेशन के निकट नबीउल्लाह रोड स्थित आवास से हिरासत में लिए गए मां-बेटे को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है, क्योंकि दोनों की आपराधिक संलिप्तता अभी तक नहीं मिली है।

पूछताछ से ऐसा लग रहा है कि ये दोनों संगठन के साहित्य व विचारों से गुमराह होकर अपना सहयोग दे रहे थे। दोनों फेसबुक के जरिए आरोपितों के संपर्क में आए थे। पूछताछ में महिला ने बताया कि उन्हें मुफ्ती मोहम्मद सुहेल के आतंकी मंसूबों की जानकारी नहीं थी।

महिला एक संभ्रांत परिवार की है। उसके पति अपने तीन भाइयों के साथ मिलकर यहियागंज में कारोबार करते हैं। महिला का कहना है कि उसकी गतिविधियों की जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को नहीं थी। सुहैल बिलौचपुरा इलाके के मदरसे में पढ़ने वाले उसके 17 वर्षीय बेटे के जरिए उसके संपर्क में आया था। 

एटीएस इस बात का भी पता लगा रही है कि क्या महिला ने अभियुक्तों को रुपये मुहैया कराए और क्या उस रुपये का इस्तेमाल अभियुक्तों ने विस्फोटक और हथियार जुटाने में किया? एटीएस ने महिला की सूचना के आधार पर उस दुकान की भी तस्दीक कर ली है,
जहां महिला ने कथित तौर पर अपने गहने बेचे। यह पता लगाने की भी कोशिश हो रही है कि जेवर बेचकर मिली रकम महिला ने किन माध्यमों से अभियुक्तों तक पहुंचाई थी?

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