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(पीएम) संवाददाता/सिद्धार्थनगर। माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच के रिट याचिका संख्या 3932/2013 गोमतीनगर जनकल्याण समिति बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच द्वारा प्रकरण “दिनांक 10-04-2006 को विक्टोरिया पार्क जनपद मेरठ में घटित घटना जिसमें 64 व्यक्तियों की मृत्यु व 226 व्यक्ति घायल हुए थे” के परिपेक्ष्य में अपने आदेश दिनांक 01.07.2014 व 05.03.2018 के अनुसार उत्तर प्रदेश के जिला अस्पतालों,

सभी प्राइवेट चिकित्सालयों एवं नर्सिंग होम में यू0पी0 फ़ायर प्रिवेन्सन एण्ड फ़ायर सेफ्टी रूल्स 2005 के तहत मिनिमम फ़ायर सेफ्टी नॉर्म्स लगाये जाने हेतु आदेश पारित किया था । 

 चेकिंग पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ0 धर्मवीर सिंह द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी सिद्धार्थनगर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सिद्धार्थनगर, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर, क्षेत्राधिकारी सदर, प्रभारी निरीक्षक सिद्धार्थनगर व पीआरओ को साथ लेकर (1)-अपोलो अस्पताल (2) अलशिफा अस्पताल (3) फात्मा अस्पताल (4) रेयान अस्पताल की चेकिंग किया गया |

मिनिमम फायर सेफ्टी नार्म्समाननीय उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच के रिट याचिका संख्या 3932/2013 गोमतीनगर जनकल्याण समिति बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच द्वारा प्रकरण “दिनांक 10-04-2006 को विक्टोरिया पार्क जनपद मेरठ में घटित घटना जिसमें 64 व्यक्तियों की मृत्यु व 226 व्यक्ति घायल हुए थे” के परिपेक्ष्य में अपने आदेश दिनांक 01.07.2014 व 05.03.2018 के अनुसार उत्तर प्रदेश के जिला अस्पतालों,

सभी प्राइवेट चिकित्सालयों एवं नर्सिंग होम में यू0पी0 फ़ायर प्रिवेन्सन एण्ड फ़ायर सेफ्टी रूल्स 2005 के तहत मिनिमम फ़ायर सेफ्टी नॉर्म्स लगाये जाने हेतु आदेश पारित किया था। जिसकी चेकिंग आज दिनांक 16.11.2018 को पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ0 धर्मवीर सिंह द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी सिद्धार्थनगर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सिद्धार्थनगर, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर, क्षेत्राधिकारी सदर, प्रभारी निरीक्षक सिद्धार्थनगर व पीआरओ को साथ लेकर (1)-अपोलो अस्पताल (2) अलशिफा अस्पताल (3) फात्मा अस्पताल (4) रेयान अस्पताल की चेकिंग किया गया | 

मिनिमम फायर सेफ्टी नार्म्स, होजरील हाइड्रेण्ट, वाटर स्टोरेज टैंक, फायर पम्प, फायर अलार्म जो होने चाहिये नही पाये गये तथा अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नही पाया गया । रेयान अस्पताल के अतिरिक्त अन्य अस्पताल में नाम पात्र के फायर एक्टिंग्यूशर पाये गये । रेयान अस्पताल अभी निर्माणाधिन पाया गया, आवश्यक प्रोविजनल एन0ओ0सी0 न लेने के कारण भवन का निर्माण भी मानक के अनुरूप नही पाया गया । इस सम्बन्ध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी/प्रभारी निरीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा विधिक कार्यवाही की जायेगी ।

 होजरील हाइड्रेण्ट, वाटर स्टोरेज टैंक, फायर पम्प, फायर अलार्म जो होने चाहिये नही पाये गये तथा अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नही पाया गया । रेयान अस्पताल के अतिरिक्त अन्य अस्पताल में नाम पात्र के फायर एक्टिंग्यूशर पाये गये । रेयान अस्पताल अभी निर्माणाधिन पाया गया, आवश्यक प्रोविजनल एन0ओ0सी0 न लेने के कारण भवन का निर्माण भी मानक के अनुरूप नही पाया गया । इस सम्बन्ध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी/प्रभारी निरीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा विधिक कार्यवाही की जायेगी ।

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