बिसौली से सुबनेश यादव की रिपोर्ट

बदायूं
बिसौली
जिस वाहन से नर्सरी का छात्र स्कूल जाता था उसी वाहन ने उस मासूम की जान ले ली। हादसा शनिबार को उस वक्त हुआ जब मासूम छात्र अपने बड़े भाई के साथ स्कूल की मैजिक बैन से पढ़ाई कर घर बापस लौटा। माँ दरबाजे पर खड़ी इंतज़ार कर रही थी। मैजिक बैन दरवाज़े पर रुकी तो बड़ा बेटा वाहन से उतर कर घर में घुस गया और छोटा बेटा उतर ही रहा था कि अचानक चालक ने वाहन आगे बड़ा दिया फिर क्या था एक माँ की आँखों के सामने उसके तारे जैसे मासूम कुचल गया। यह दर्दनाक घटना बदायूं जनपद की कोतवाली बिसौली की है।

V/O1-बदायूं की कोतवाली बिसौली क्षेत्र के गांव सर्वा निबासी धीरेन्द्र के दो मासूम पुत्र है अंश और आदित्य। दोनों हो कस्वां बिसौली के डीपाल स्कूल में पड़ते है अंश कक्षा 1 और आदित्य नर्सरी का छात्र था दोनों ही स्कूल की मैजिक बैन से स्कूल जाते थे। 2 तारीख को स्कूल खुले थे। रोज की तरह माँ ने अपनी दोनों आँखों को स्कूल जाने के लिए तैयार किया चुकि आदित्य छोटा था इसलिए माँ उसके गाल पर प्यार करके भेजती थी। लेकिन माँ को क्या पता था कि उसका मासूम छोटा बेटा उसकी आँखों के सामने दम तोड़ देगा। दरअसल हुआ यह कि जब स्कूल की छुट्टी होने पर दोनों मासूम भाई स्कूल की मैजिक बैन से घर लौटे दरवाज़े पर माँ खड़ी दोनों का इंतज़ार कर रही थी माँ को देख बड़ा बेटा तो बैन से उतर कर सीधा घर में चला गया और दूसरा बेटा आदित्य जब मैजिक बैन से उतर ही रहा था कि बैन चालक समीर ने वाहन आगे बड़ा दिया यह देख माँ चीख-पुकार करने लगी तब छात्र आदित्य पूरी कुचल चुका था। बजाय मदद करने के वाहन चालक अपनी मैजिक छोड़ कर भाग गया। आनन-फानन में आदित्य के परिजन उसे बिसौली की सीएससी पर ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से आदित्य के माँ-बाप बेसुध है साथ ही क्षेत्र के लोगों में भी आक्रोश है। परिजन स्कूल बैन के चालक की गलती बता रहे है।

V/O2-इस मामले ने तूल पकड़ा तो पीड़ित माँ-बाप सांत्वना देने नेता से लेकर सरकारी विभाग के अफसर भी पहुंचे। परिजनों से मिलने पहुंचे शिक्षा विभाग के प्रभारी बीएसए राम सूरत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में दोष वाहन चालक का है। उसकी गाड़ी में कोई हेल्पर नहीं था बच्चे को उतारते वक्त उसने गेर डाल कर गाड़ी आगे बड़ा दी थी इसी कारन बच्चे की मौत हुई। स्कूल प्रबंधन भी इसके लिए जिम्मेदार है कि आखिर उसकी स्कूल में लगी गाड़ी में कोई हेल्पर क्यों नहीं था। बीएसए ने जाँच के बाद कार्यवाही की बात की है। साथ ही जब स्कूल के प्रबंधक से बात करनी चाही तो वह कोई जबाब नहीं दे पाये और वाहन चालक की गलती बता कर अपना पल्ला झाड़ने लगे। लेकिन बड़ा सवाल कि आखिर मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन।

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