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(पीएम) संवाददाता  महराजगंज।  महराजगंज ।18 अप्रैल 2019 प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आशा कार्यकर्ता माँ एवं नवजात शिशुओं की घरेलू देखभाल शुरू कर दें ताकि नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। इसी उद्देश्य से समुदाय स्तर पर प्रसव के उपरांत मां एवं नवजात शिशु की घरेलू देखभाल के लिए होम बेस्ड केयर फार यंग चाइल्ड कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
सिन्दुरिया स्थित स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षण केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेन्द्र प्रसाद ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि एचबीवाईसी कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रशिक्षण में जो जानकारी दी जा रही है, उसी के हिसाब से आशा कार्यकर्ता अपने गांव में गृह भ्रमण शुरू कर दें।

गृह भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ता एचबीवाईसी कार्ड, एमसीपी कार्ड, आरंभिक बाल विकास के आंकलन के लिए आवश्यक वस्तुएँ जैसे घंटी, टार्च, प्लास्टिक की लाल रंग की चूङी, आइना, हाथ धोने का साबुन आदि सामग्री अपने पास रखें।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीरज सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभागवत सिंह, वेदप्रकाश चौरसिया, शैलेश पांडेय, आनंद मोहन, ओमप्रकाश आदि ने आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया। जिन आशा कार्यकर्ताओं को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है उनमें सिसवा ब्लाक की उर्मिला, प्रियंका, निर्मला, रीता, रीमा, निचलौल ब्लाक की सुलोचना, सुनैना, नीता, सत्या, जामवंती सहित करीब 49 आशा कार्यकर्ता शामिल हैं।
एनबीवाई के कार्यक्रम का उद्देश्य
बाल मृत्यु एवं बीमारियों को कम करना, छोटे बच्चों के पोषण संबंधी स्थिति में सुधार लाना। .छोटे बच्चों के सही बृद्धि और आकस्मिक बाल विकास को सुनिश्चित करना।
एचबीवाईसी भ्रमणों के दौरान इन बिन्दुओं पर रहेगा जोर
छह माह तक सिर्फ स्तनपान। छह माह तथा उसके ऊपर के बच्चों को ससमय पर्याप्त एवं पूरक आहार पर जोर। बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान व समाधान पर जोर, मातृ एवं बाल संरक्षण; एमसीपीद्ध कार्ड की सहायता से बच्चों में विलंबित विकास एवं बृद्धि की पहचान। .बाल्यकाल की सामान्य बीमारियों से बचाव व प्रबंधन। स्वास्थ्य केन्द्रों से घर वापस आने वाले बीमार बच्चों की देखभाल एवं दवाओं का अनुपालन।.प्रसव के समय कम वजन वाले शिशु व नवजात को विशेष देख.भाल इकाई ;एसएनसीयूद्ध और पोषण पुर्नवास केन्द्र एनआरसी से घर आए बच्चों पर ध्यान देना।

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